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Bharat Vikas & Sanjay Anand Viklang Hospital

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Our charitable seva is dedicated to restoring mobility and confidence through modern techniques, specialist guidance, and compassionate care.

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OPD Hours
Thursday - Tuesday: 10:00 - 18:00
Wednesday Closed
दिव्यांग सेवा का अप्रतिम मंदिर
पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्प
एक दीप से जले दूसरा
सेवा और प्रेरणा की परंपरा
21वीं सदी का बिहार विकलांगता मुक्त बिहार
संकल्प और सामूहिक प्रयास
बाल सेवा ब्रह्म सेवा
करुणा और सहयोग का संदेश
अंगदान

अंगदान का बेमिसाल उदाहरण

18 वर्षीय नौजवान एवं माता-पिता के एकलौते पुत्र संजय आनंद का दिनांक 10 मई 1995 को अमेरिका में कार दुर्घटना में मृत्यु हो गयी | दुःख की असहनीय घड़ी में भी उनके माता-पिता ने साहसिक निर्णय लेकर उसके पार्थिव शरीर को अस्पताल में दान दे दिया | उस नौजवान के शरीर के विभिन्न अंगो से :-

  • 200 रेंगते हुए बच्चो को अस्थि प्रत्यारोपण के द्वारा नवजीवन मिला |
  • दो नेत्रहीन व्यक्तियो को दृष्टि मिली |
  • 80 प्रतिशत जली हुई नौजवान लड़की को चर्म प्रत्यारोपण के द्वारा नया जीवन मिला |
  • एक व्यक्ति को ह्रदय प्रत्यारोपण से पुनर्जीवन मिला |

18 वर्ष की उम्र में अकाल मृत्यु में जाते-जाते भी संजय ने सैकड़ो लोगो का भला कर दिया | इस घटना से प्रेरित होकर उनके माता-पिता ने संजय आनंद फाउंडेशन का निर्माण किया जो पीड़ित मानवता की सेवा के लिए विगत अनेक वर्षों से कार्यरत है तथा प्रभु की कृपा से हमारे साथ बिहार से विकलांगता को दूर करने में वे जी-जान से जुटे हैं |

अंगदान
प्रेरणा
"Those who live for suffering humanity have the right to live — Swami Vivekananda."
परिकल्पना और यात्रा

भारत विकास परिषद् ( दक्षिण बिहार ) के चंद वरिए सदस्यों ने चंद वर्षों पूर्व पीड़ित मानवता की सेवा हेतु बिहार में एक बहुउद्देशीय विकलांग सेवा केंद्र – सह – अस्पताल की परिकल्पना की थी | 17 दिसंबर 1999 को कंकड़बाग, पटना के एक छोटे से परिसर से विकलांगों की सेवा यात्रा का प्रारंभ कर पटना – गया राजकीय राजमार्ग पर 5600 वर्गफीट भूखंड पर 15000 वर्गफीट के तीन मंजिले भवन का निर्माण कर दिसंबर 2006 से विस्तृत सेवाएं नए परिसर में प्रारंभ की गयी |

शारीरिक विकलांगता की भयावह समस्या ने हमे बड़े स्तर पर कार्य करने को प्रेरित किया जिसकी परिणति हमारा यह अस्पताल है | हमारे इस केंद्र से राज्य भर से आगत निर्धनों को कैलिपर, कृत्रिम पैर, वैशाखी, ऑर्थो शूज, श्रवण यंत्र, तिपहिया साईकिल एवं पोलियोग्रस्त रोगियों की शल्य चिकित्सा निःशुल्क की जाती है |

हम सुदूर स्थलों पर शिविर आयोजित करते रहे हैं | इन कार्यों में समाज की अन्य समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग हमेशा मिलता रहा है | हमे गर्व है कि यह कार्य हम अपने सदस्यों, सहयोगियों, शुभचिन्तकों, दानवीर दाताओं एवं समाजसेवी संगठनों के उदार सहयोग एवं समर्थन से सम्पादित कर पाते हैं |

संकल्प
हमने संकल्प लिया है – “21 वीं सदी का बिहार, विकलांगता मुक्त बिहार” | यह संकल्प आप सभी के सदभाव और करुणामय सहयोग से संभव है | हम आहवान करते हैं कि – समाज में कार्यरत सभी समाजसेवी संगठन, कार्यकर्ता बंधू, दानशील समाजसेवी महानुभाव, बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान इस अभियान में संकल्पित होकर जुड़ें और विकलांग मुक्त बिहार के सपने को साकार करने में अपना बहुमूल्य योगदान दें |
Hospital
कैलिपर / कृत्रिम पैर
निःशुल्क सहायता
शल्य चिकित्सा
पोलियोग्रस्त रोगियों हेतु
Team

Meet the team

Our doctors and management team work day after day to serve patients with compassion and excellence.

Dr. S. S. Jha
Dr. S. S. Jha
Chief Consultant
Ortho
MBBS, MS (Ortho)
Since 16 years in corrective surgery.
Dr. Ajit Verma
Dr. Ajit Verma
Retd. Principal, PMCH
Rehab
MBBS, MS (Ortho)
Physical Medicine & Rehabilitation
Dr. Jivendu Choudhary
Dr. Jivendu Choudhary
Consultant
Ortho
MBBS, MS (Ortho)
Orthopaedics & Rehabilitation

A glimpse from our work

Camps, surgeries, therapy sessions and community initiatives—these moments reflect our continuous journey of service and rehabilitation.

Work
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